Breaking News: CM Suvendu Adhikari की पहली कैबिनेट में 6 बड़े फैसले
पश्चिम Bengal की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े और अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब राज्य में “डबल इंजन सरकार” के मॉडल पर काम होगा।
मुख्यमंत्री ने “Fear Out, Trust In” का नारा देते हुए कहा कि नई सरकार सुरक्षा, विकास और भरोसे की राजनीति करेगी।
‘Fear Out, Trust In’: पश्चिम बंगाल के नए CM Suvendu Adhikari ने पहली कैबिनेट बैठक में लिए 6 बड़े फैसले
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सोमवार को अपनी पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य सरकार ने 6 बड़े फैसले लिए, जिन्हें बंगाल में “डबल इंजन सरकार” की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सरकार “Fear Out, Trust In” यानी “डर खत्म, भरोसा शुरू” के मंत्र के साथ काम करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांत “For the People, By the People, Of the People” पर आगे बढ़ेगी।
पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए 6 बड़े फैसले
1. BSF को 45 दिनों में दी जाएगी जमीन
राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए BSF को बॉर्डर फेंसिंग के लिए जरूरी जमीन देने का फैसला किया है। मुख्य सचिव और भूमि सुधार विभाग को 45 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया खत्म करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमाओं को सुरक्षित बनाना सरकार की पहली प्राथमिकताओं में शामिल है।
2. बंगाल में लागू होंगी सभी केंद्रीय योजनाएं
नई सरकार ने फैसला लिया है कि पश्चिम बंगाल अब केंद्र सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं को पूरी तरह लागू करेगा।
इन योजनाओं में शामिल हैं:
- आयुष्मान भारत योजना
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
- प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना
- PM SHRI योजना
- विश्वकर्मा योजना
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
- उज्ज्वला योजना
सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को केंद्र के साथ जल्द समझौता पूरा करने का निर्देश दिया है।
3. IAS और IPS अधिकारियों को मिलेगा केंद्रीय प्रशिक्षण
प्रशासनिक सुधारों के तहत अब पश्चिम बंगाल के IAS और IPS अधिकारी केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने अधिकारियों को इन कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन अब राज्य को राष्ट्रीय प्रशासनिक ढांचे के साथ जोड़ा जाएगा।
4. सरकारी नौकरियों की आयु सीमा बढ़ी
शिक्षित युवाओं को राहत देते हुए सरकार ने सरकारी नौकरी के आवेदन की अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।
इस फैसले से लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने का नया मौका मिल सकता है।
5. केंद्र के निर्देश पर होगी जनगणना
सरकार ने घोषणा की कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार पश्चिम बंगाल में जनगणना प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, गृह मंत्रालय ने 16 जून 2025 को इस संबंध में पत्र भेजा था, लेकिन पिछली सरकार ने इस पर कार्रवाई नहीं की थी। अब नई सरकार ने लंबित प्रक्रिया को तुरंत लागू करने का निर्णय लिया है।
6. राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार ने अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने के लिए केंद्र और अदालत के निर्देशों की अनदेखी की थी।
नई सरकार ने स्पष्ट किया कि BSF को हर जरूरी सहयोग दिया जाएगा।
“अहंकार नहीं, सिद्धांतों पर चलेगी सरकार”
Suvendu Adhikari ने कहा कि उनकी सरकार अहंकार नहीं बल्कि सिद्धांतों के आधार पर काम करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के “Fear Out, Trust In” संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल में अब सुरक्षा, विश्वास और विकास की नई शुरुआत होगी।
BJP समर्थकों के शहीद परिवारों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उन 321 परिवारों के कल्याण के लिए भी काम करेगी, जिनके सदस्य BJP समर्थक होने के कारण राजनीतिक हिंसा में मारे गए थे।
पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद लिए गए ये फैसले राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। केंद्रीय योजनाओं को लागू करने, सीमा सुरक्षा मजबूत करने और युवाओं के लिए नौकरी के अवसर बढ़ाने जैसे फैसलों का आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक असर देखने को मिल सकता है।










