एनपीएस नियमों में बड़ा बदलाव: अब पेंशन बैलेंस पर मिलेगा लोन, रिटायरमेंट पर ज्यादा कैश निकालने की सुविधा
नई दिल्ली। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े करोड़ों निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एनपीएस के नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों के तहत अब एनपीएस बैलेंस के बदले बैंक या वित्तीय संस्थानों से लोन लिया जा सकेगा। साथ ही रिटायरमेंट के समय ज्यादा रकम एकमुश्त निकालने की सुविधा भी दी गई है।
एनपीएस बैलेंस पर मिलेगा लोन
नए नियमों के अनुसार अब एनपीएस सब्सक्राइबर्स अपने जमा किए गए बैलेंस के बदले लोन ले सकेंगे। कोई भी निवेशक अपनी कुल जमा राशि का अधिकतम 25 प्रतिशत तक लोन बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से ले पाएगा। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जिन्हें इमरजेंसी में पैसों की जरूरत होती है।
बीमारी और घर निर्माण के लिए निकासी आसान
पहले एनपीएस से आंशिक निकासी सिर्फ गंभीर बीमारी की स्थिति में ही संभव थी, लेकिन अब नियमों को आसान कर दिया गया है।
- अब किसी भी बीमारी के इलाज के लिए लंपसम अमाउंट निकाला जा सकेगा।
- इसके अलावा घर बनाने के लिए वन-टाइम निकासी की भी अनुमति दे दी गई है।
नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत
पीएफआरडीए ने नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स के लिए एग्जिट रूल्स में बड़ा बदलाव किया है।
- पहले रिटायरमेंट पर सिर्फ 60% रकम लंपसम निकाली जा सकती थी और 40% एन्युटी में डालना जरूरी था।
- अब यह सीमा बढ़ाकर 80% लंपसम निकासी कर दी गई है। यानी निवेशक को रिटायरमेंट पर ज्यादा कैश मिलेगा।
बैलेंस के आधार पर पूरी निकासी की सुविधा
नए नियमों के तहत:
- यदि एनपीएस अकाउंट में 8 लाख रुपये तक का बैलेंस है, तो 100% निकासी संभव होगी।
- अगर बैलेंस 8 से 12 लाख रुपये के बीच है, तो 6 लाख रुपये तक की निकासी की जा सकेगी।
उम्र और सदस्यता से जुड़े नियम भी बदले
- अब 15 साल की सदस्यता या 60 साल की उम्र, जो भी पहले आए, उस समय एनपीएस से एग्जिट लिया जा सकेगा।
- पहले जहां अधिकतम उम्र सीमा 75 साल थी, उसे बढ़ाकर 85 साल कर दिया गया है। यानी निवेशक अब ज्यादा समय तक एनपीएस में बने रह सकते हैं।
कुछ नियम सख्त भी किए गए
हालांकि कुछ सुविधाओं को खत्म भी किया गया है।
- पहले नए स्किल कोर्स, स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करने के लिए निकासी की अनुमति थी, लेकिन अब इस तरह की निकासी को बंद कर दिया गया है।
एनपीएस के इन नए बदलावों से सिस्टम को ज्यादा लचीला और निवेशकों के अनुकूल बनाने की कोशिश की गई है। लोन सुविधा और ज्यादा लंपसम निकासी से एनपीएस अब सिर्फ रिटायरमेंट ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय भी एक मजबूत वित्तीय सहारा बन सकता है।









